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Onion Seeds
Sukhsagar Onion Seeds
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Brand | Porwal |
| Type | Hybrid |
| Packaging Size | 500 gram |
| Packaging Type | Packet |
| Country of Origin | Made in India |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है
Additional Information:
- Item Code: 12222
- Production Capacity: 600kg
- Delivery Time: 7
- Packaging Details: 500 gm
Onion Seeds Dark Red FOR all season
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Brand | Porwal Hybrid Seeds And Biotech |
| Type | Natural |
| Packaging Size | 500 gm |
| Color | Green |
| Packaging Type | Pouch |
| Country of Origin | Made in India |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Onion Seeds Fursungi-01
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Brand | Porwal Hybrid Seeds And Biotech |
| Type | Hybrid |
| Packaging Size | 500 gm |
| Color | Green |
| Packaging Type | Pouch |
| Country of Origin | Made in India |
We are the leading supplier of ONION SEEDS FURSUNGI-01 made available to our clients at competitive prices.प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है.
जलवायु और मिट्टी- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
Nasik Red N53 Onion Seed
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Packaging Size | 1 kg |
| Variety | N 53 |
| Type | Natural |
| Brand | hindavi seeds jalna |
| Country of Origin | Made in India |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Additional Information:
- Item Code: ds
- Production Capacity: good
- Delivery Time: 7
- Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
oinion seeds gulabi gursungi
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Packaging Size | 500 gm |
| Type of Seed | Natural |
| Variety | FB 1153 |
| Type | Natural |
| Brand | hindavi seeds JALNA |
| Country of Origin | Made in India |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Additional Information:
- Item Code: KJ
- Production Capacity: GOOD
- Delivery Time: 7 DAYS
- Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Fuel Samarth Onion Seed
Minimum Order Quantity: 1 Kg
| Packaging Size | 500 gm |
| Type of Seed | Natural |
| Variety | N 241 |
| Type | Natural |
| Brand | HINDAVI SEEDS JALNA |
| Country of Origin | Made in India |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Additional Information:
- Item Code: LK
- Production Capacity: GOOD
- Delivery Time: 7
- Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
Hybrid Fursungi Param Onion Seeds
| Packaging Size | 500 gm |
| Packaging Type | Packet |
| Brand | Porwal |
| Type | Hybrid |
| Usage/Application | Agriculture |
| Harvesting Days | 100-115 Days |
| Country of Origin | Made in India |
White Dhawan Onion Seeds
| Packaging Size | 500 Gram |
| Packaging Type | Packet |
| Brand | Porwal |
| Type | Natural |
| Color | White |
| Usage/Application | Agriculture |
| Harvesting Days | 100-115 Days |
| Country of Origin | Made in India |
| Onion Color | White |
- जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है.
- मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो.
- खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें.
- क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें.
- नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है.
- सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिल