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Onion Seeds

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Sukhsagar Onion Seeds

Sukhsagar Onion Seeds
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Product Price: Rs 2,800 / KgGet Best Price

Minimum Order Quantity: 1 Kg

Product Details:
BrandPorwal
TypeHybrid
Packaging Size500 gram
Packaging TypePacket
Country of OriginMade in India
Sukhsagar Onion Seeds black red long for stores 6 month storeas प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है


Additional Information:

  • Item Code: 12222
  • Production Capacity: 600kg
  • Delivery Time: 7
  • Packaging Details: 500 gm
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Onion Seeds Dark Red FOR all season

Onion Seeds Dark Red FOR all season
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Product Price: Rs 1,600 / KgGet Best Price

Minimum Order Quantity: 1 Kg

Product Details:
BrandPorwal Hybrid Seeds And Biotech
TypeNatural
Packaging Size500 gm
ColorGreen
Packaging TypePouch
Country of OriginMade in India
very production variety foe all season varietyप्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है. 
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Onion Seeds Fursungi-01

Onion Seeds Fursungi-01
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Product Details:
BrandPorwal Hybrid Seeds And Biotech
TypeHybrid
Packaging Size500 gm
ColorGreen
Packaging TypePouch
Country of OriginMade in India

We are the leading supplier of ONION SEEDS FURSUNGI-01 made available to our clients at competitive prices.प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. 

जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
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Nasik Red N53 Onion Seed

Nasik Red N53 Onion Seed
  • Nasik Red N53 Onion Seed
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Product Price: Rs 1,200 / KgGet Best Price

Minimum Order Quantity: 1 Kg

Product Details:
Packaging Size1 kg
VarietyN 53
TypeNatural
Brandhindavi seeds jalna
Country of OriginMade in India
प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है. 


Additional Information:

  • Item Code: ds
  • Production Capacity: good
  • Delivery Time: 7
  • Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
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oinion seeds gulabi gursungi

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Product Price: Rs 2,500 / KgGet Best Price

Minimum Order Quantity: 1 Kg

Product Details:
Packaging Size500 gm
Type of SeedNatural
VarietyFB 1153
TypeNatural
Brandhindavi seeds JALNA
Country of OriginMade in India
प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है. 


Additional Information:

  • Item Code: KJ
  • Production Capacity: GOOD
  • Delivery Time: 7 DAYS
  • Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
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Fuel Samarth Onion Seed

Fuel Samarth Onion Seed
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Product Price: Rs 2,200 / KgGet Best Price

Minimum Order Quantity: 1 Kg

Product Details:
Packaging Size500 gm
Type of SeedNatural
VarietyN 241
TypeNatural
BrandHINDAVI SEEDS JALNA
Country of OriginMade in India
प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है. 


Additional Information:

  • Item Code: LK
  • Production Capacity: GOOD
  • Delivery Time: 7
  • Packaging Details: प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. खेत की तैयारी और रोपण खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिलती है.
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Hybrid Fursungi Param Onion Seeds

Hybrid Fursungi Param Onion Seeds
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Product Price: Rs 2,500 / KgGet Best Price

Product Details:
Packaging Size500 gm
Packaging TypePacket
BrandPorwal
TypeHybrid
Usage/ApplicationAgriculture
Harvesting Days100-115 Days
Country of OriginMade in India
param oinion seeds is very high quality variety 
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White Dhawan Onion Seeds

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Product Price: Rs 2,800 / KgGet Best Price

Product Details:
Packaging Size500 Gram
Packaging TypePacket
BrandPorwal
TypeNatural
ColorWhite
Usage/ApplicationAgriculture
Harvesting Days100-115 Days
Country of OriginMade in India
Onion ColorWhite
प्याज की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली, जीवांश युक्त और बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसकी बुवाई रबी और खरीफ दोनों सीज़न में की जाती है, रबी में मध्य नवंबर में और खरीफ में जून-जुलाई में नर्सरी तैयार कर पौधा लगाया जाता है. खेत की तैयारी के बाद 45-60 दिनों की पौध को ऊंची क्यारियों में रोपा जाता है, जिससे 8-10 सेमी की दूरी रखी जाती है. फसल को अच्छी उपज देने के लिए नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है. जलवायु और मिट्टी
  • जलवायु: प्याज के लिए समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है, जिसमें शुरू में अधिक गर्मी और बाद में कम गर्मी, तथा पर्याप्त धूप (4-12 घंटे) की आवश्यकता होती है. 
  • मिट्टी: जीवांश युक्त बलुई दोमट मिट्टी प्याज की खेती के लिए सर्वोत्तम है, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो. 
खेत की तैयारी और रोपण
  1. खेत की जुताई: खेत की अच्छी तरह जुताई करें और अंतिम जुताई के समय 10 टन गोबर की खाद डालें. 
  2. क्यारी और नाली बनाना: पौध रोपण के लिए समतल चौड़ी नाली बनाएं और उनमें 120 सेमी चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियां तैयार करें. 
  3. नर्सरी: रबी प्याज के लिए, फफूंदनाशक दवा से उपचारित बीज की बुवाई मानसून के बाद (अक्टूबर अंत तक) करके 45-60 दिनों की पौध रोपने के लिए तैयार की जाती है. खरीफ प्याज के लिए जून-जुलाई में नर्सरी लगाई जाती है. 
सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण
  • सिंचाई: प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और बाद में 8-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. ड्रिप सिंचाई विधि से भी अच्छी उपज मिल
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